शाबर मंत्रों का वो खंड जो शिव ने गोरखनाथ को दिया था, लेकिन किताबों में कभी नहीं लिखा गया 😱🔥🕉️
प्रिय साधकों,आज जो मैं आपको बता रहा हूँ, वो तंत्र की दुनिया का सबसे गहरा और सबसे दिव्य रहस्य है।
भगवान शिव ने स्वयं ये ज्ञान गुरु गोरखनाथ को दिया था। लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी थी — "ये मंत्र किसी किताब में मत लिखना, न पत्थर पर, न कागज पर। ये सिर्फ गुरु से शिष्य तक, मुंह से मुंह में ही जाएगा।"
क्यों? क्योंकि ये शाबर मंत्रों का वो खंड है जो कलियुग में आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि सच्चे साधकों के लिए रखा गया था। ज्यादातर शाबर मंत्र हम किताबों में पढ़ लेते हैं — धन, वशीकरण, रक्षा के... लेकिन वो असली खंड जो शिव ने गोरखनाथ को सौंपा, वो आज भी मौखिक परंपरा में ही जिंदा है।
क्या था वो गुप्त खंड?
तंत्र ग्रंथों और नाथ संप्रदाय की गुप्त परंपरा के अनुसार, शिव ने गोरखनाथ को बताया कि शाबर मंत्रों में तीन स्तर हैं:
1. पहला स्तर — जो आम साधकों के लिए (हम किताबों में पढ़ते हैं)
2. दूसरा स्तर — जो सिद्ध योगियों के लिए (कुछ गुप्त पुस्तकों में आता है)
3. तीसरा और सबसे खतरनाक-शक्तिशाली स्तर — "अलख खंड" या "निराकार खंड" — जो शिव ने सिर्फ गोरखनाथ को दिया।
इस तीसरे खंड के मंत्रों में कोई बीज मंत्र नहीं, कोई देवी-देवता का नाम नहीं। सिर्फ शिव की सांस और गोरख की वाणी का मिलन है। इनका जाप करने से:
साधक का शरीर काया कल्प जैसा हो जाता है
समय और दिशा का बंधन टूटता है
प्रेत, भूत, तंत्र-बाधा खुद-ब-खुद दूर भागते हैं
लेकिन सबसे बड़ा रहस्य — ये मंत्र साधक को खुद को "अदृश्य" बनाने की शक्ति देते हैं (न कि छिपने की, बल्कि अस्तित्व से परे होने की)।
गोरखनाथ जी ने इसे 84 सिद्धों और 9 नाथों के बीच भी सिर्फ चुनिंदा शिष्यों को ही दिया। कहा जाता है कि आज भी कुछ जीवित नाथ सिद्ध इस खंड को जानते हैं और जंगलों, गुफाओं या अचानक मिलने पर ही किसी योग्य शिष्य को सौंपते हैं।
मैंने खुद कई पुराने नाथ साधकों से चर्चा करके जाना है कि जब कोई साधक इस खंड तक पहुंचता है, तो उसके मुंह से मंत्र निकलते ही आसपास की हवा ठंडी पड़ जाती है और दूर से "अलख निरंजन" की ध्वनि गूंजने लगती है।
चेतावनी:
ये खेल नहीं है। गलत इरादे से या बिना गुरु कृपा के अगर कोई इस खंड की तलाश करे, तो मंत्र उल्टा पड़ सकता है। शिव ने यही वजह बताई थी कि इसे किताबों में नहीं लिखा गया।
अगली पोस्ट में मैं आपको इस गुप्त खंड के कुछ रहस्य समझाऊंगा और पहुंचने के संकेत दूंगा। (सिर्फ उन लोगों के लिए जो वास्तविक तंत्र की तलाश में हैं)।
लेकिन याद रखें — असली मंत्र गुरु के मुख से ही मिलता है।
अलख आदेश! गुरु गोरखनाथ की जय!
जो सच्चा है, उसे खुद मिल जाएगा... 🕯️🔱
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