बटुक भैरव साधना 21 दिवस
मंत्र .
ॐ बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं`
1. साधना क्यों करें इसके 5 बड़े कारण है
1. आपत्ति निवारण कोर्ट कचहरी , जेल , शत्रु , तंत्र मारण 21 दिन में शांत ।
2. नजर-टोना ... बच्चों का रोना, व्यापार बांधना, घर में क्लेश = जड़ से खत्म।
3. ऋण मुक्ति ... कर्जदार दरवाजे पर पैसे देने आएगा। स्वर्णाकर्षण स्वरूप से।
4. रक्षा कवच ... भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा घर के 100 मीटर नहीं आएगी।
2. 3 प्रमुख मंत्र कौन सा कब जपें
स्वरूपमंत्र प्रयोगमाला
1. बाल बटुक `ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ बच्चों की रक्षा, नजर दोष 11 माला रोज
2. आपदुद्धारक "ॐ ह्रीं बं बटुकाय मम सर्व आपत्ति निवारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं " शत्रु नाश, कोर्ट केस 21 माला रोज
3. स्वर्णाकर्षण के लिये ...
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं बटुक भैरवाय मम दारिद्र्य विध्वंसनाय धनधान्य समृद्धिं देहि देहि स्वाहा " धन, व्यापार, कर्ज मुक्ति 11 माला प्रत्येक दिवस
सबसे सहज सरल ...
आपत्ति काल में सिर्फ
ॐ बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं 108 बार हृदय से जपो । भैरव दौड़े आएंगे।
साधना की तैयारी ...
1. दिन ... किसी भी मंगलवार, रविवार, अष्टमी , अमावस्या से शुरू। कालाष्टमी से
2. समय ...रात 11 बजे से भैरव काल। न हो पाए तो सूर्यास्त के बाद।
3. स्थान ...एकांत कमरा। दक्षिण दिशा में चौकी। काला आसन।
4. सामग्री ...बटुक भैरव जी की फोटो/यंत्र, सरसों तेल दीपक, लड्डू , इमरती, काले तिल, गुग्गल धूप, रुद्राक्ष माला, काले कुत्ते के लिए रोटी।
10 चरण मे पूजा विधि ..
1. स्नान ...साफ वस्त्र। काले/लाल वस्त्र उत्तम।
2. रक्षा मंत्र ... 3 बार ताली बजाओ `ॐ भ्रं भ्रां भ्रौं बं बटुकाय नमः` बोलो दिक्बंधन हो गया ।
3. दीपक ...सरसों तेल का दीपक जलाओ। बोलो `हे भैरव जी ! मेरे जीवन में प्रकाश करो।
4. आवाहन .. हाथ जोड़कर `ॐ बटुक भैरवाय इह आगच्छ इह तिष्ठ 3 बार।
5. स्नान-भोग फोटो पर जल छिड़को । लड्डू, इमरती, दूध चढ़ाओ।
ॐ बटुकाय नैवेद्यं समर्पयामि`।
6. मंत्र जप ... रुद्राक्ष माला से चुना हुआ मंत्र 11/21 माला। माला न हो तो 108 बार।
7. प्रार्थना ... रोते ( आर्द स्वर ) हुए बोलो `हे बाल भैरव, मैं अनाथ हूं। तू मेरा बाप है। मेरी लाज रख ले।`
8. आरती ...ॐ जय भैरव देवा` बोलकर दीपक घुमाओ।
9. क्षमा याचना ... आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥`
10. प्रसाद ... लड्डू खुद खाओ काले कुत्ते को भी खिलाओ । कुत्ता न मिले तो गाय को।
21 दिन के ये नियम ..
1. ब्रह्मचर्य स्त्री प्रसंग, मांस भक्षण, मदिरा पान, लहसुन-प्याज ( तामसी भोजन ) बंद।
2. झूठ-चोरी छल प्रपंच ... गलती से भी नहीं। भैरव दंड तुरंत देते हैं।
3. मौन ... जप के 1 घंटे बाद तक किसी से मत बोलो।
4. कुत्ता सेवा ...रोज 1 रोटी काले कुत्ते (पालतु नहीं ) को। रविवार को दूध । ये अनिवार्य है।
5. क्रोध .. घर में कलह मत करो । भैरव नाराज हो जाएंगे।
4. त्वरित उपाय ... जब जान पर बन आए
1. शत्रु सामने ... 11 बार मंत्र पढ़कर काली मिर्च शत्रु की तरफ फेंक दो।
2. कोर्ट तारीख ...1 नींबू पर मंत्र 21 बार पढ़कर जेब में रखकर जाओ।
3. रात को डर ... 7 बार मंत्र पढ़कर पानी पी लो। डर भाग जाएगा ।
4. व्यापार बांधा हो तो ... रविवार को 5 नींबू 5 कील बतासे 5 लौंग भैरव मंदिर में चढ़ा दो।
5. सावधानी -
गलती नहीं करना है
1. बिना गुरु के10,000 से ऊपर जप या हवन गुरु दीक्षा लेकर ही करो।
2. उल्टा मंत्र ... मंत्र में फट् और स्वाहा का प्रयोग गलत जगह ना तो अन्यथा उल्टा असर।
3. अपमान ... भैरव को ‘भूत’ मत बोलो। वो शिव के गण हैं।
4. स्वार्थ ....किसी का बुरा करने के लिए जपोगे तो तुम्हारा ही बुरा होगा।
5. अशुद्धि ...मासिक धर्म, सूतक, (जन्म मृत्यु ) में साधना बंद।
संकेत ...साधना सही चल रही तो कुत्ता आपके घर आने लगेगा । सपना में काला बालक दिखेगा । घंटी-डमरू की आवाज आएगी डरना नहीं है भैरव प्रसन्न हैं ।
21 दिवस तक करो। 22वें दिवस से दुनिया बदली हुई मिलेगी
नजर बॉंधने का मंत्र
अत्यंत ही गोपनीय प्रयोग
जिसका प्रयोग करके आप आप किसी की भी नजर को बांध सकते हैं । नजर बांधने का मतलब होता है कि आप जो देख रहे हो वह सही नहीं है दूसरा व्यक्ति जिसने आपकी नजर बांधी है वह जो चाहेगा आपको दिखा सकता है पर वह सिर्फ एक भ्रम होता है । उच्च कोटि के साधक लोग या फिर नागा साधु, जो बड़े नागा साधु होते हैं उनके पास भी यह विद्या होती है यह एक साबर पद्धति की विद्या है । अगर आप इसको एक बार सिद्ध कर लेते हैं जो आप इसकी सिद्धि से जो चाहे लोगों को दिखा सकते हैं अगर आप किसी व्यक्ति से कह रहे हैं कि ऐसा हो रहा है और उसी समय अगर आप उसकी नजर बांध देते हैं तो उसको वही दिखाई देगा जो हम बोलेंगे पर वास्तव में ऐसा नहीं होता है ।
वह सिर्फ उसका भ्रम होता है मान लीजिए कि मैं कह रहा हूं कि मैं आप लोगों को एक मरा हुआ सांप जिंदा करके दिखाता हूं तो वह सांप जिंदा होकर हवा में उड़ने लगेगा ऐसा सिर्फ लोगों को लगेगा पर वास्तव मे ऐसा कुछ नहीं होता वहां बस आपकी बातों को सुनकर वह भ्रम में आ जाता है पुराने जमाने में जैसे राजा महाराजा लोग होते थे बड़े-बड़े मदारीयो को बुलाते थे मदारी लोग अपना तमाशा दिखाते समय लोगों के नजर बांध देते थे ताकि लोग समझ ना पाए कि यह क्या कर रहा है जो वह बोलता था आप लोगों को वैसा ही दिखाई देता था । यह पुराना जमाने की विद्या है जो आज मैं आप लोगों के लिए लेकर आया हूं और आज में इसका मंत्र आपको बताता हूं इसका मंत्र इस प्रकार से है ।।
मँत्र :ओम काला भैरव धुंधला वाला हाथ खड़ग फूलों की माला चोसठ योगिनी संग में चाला देखो खोली नजर का ताला राजा राजा ध्यावे तोही सबकी दृष्टि बांध दे मोहि मैं पूजूं तुमको नीति ध्यावु राजा प्रजा में पाय लगावे भरी अथई सुमिरो तोय मेरा किया सब कुछ होय देखूं भैरव तेरी शक्ति शब्द साचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वर वाचा।।
अब आपको करना क्या है किसी भी रविवार को अगर उस रात को पुष्य नक्षत्र होता है या अभिजीत नक्षत्र पड़ जाए तो रात्रि के समय आपको ठीक 12:00 बजे आपको श्मशान में जाना है जहां पर भैरव जी का मंदिर हो, याद रखें अभिजीत नक्षत्र या फिर पुष्य नक्षत्र होना अवश्य चाहिए । पहले पता कर लीजिए कि नक्षत्र कब पड़ रहा है । आपको रात्रि में जाकर इस मंत्र को दस हजार बार पढ़ना है और सूरज निकलने से पहले आपको पूरा पढ़ लेना है। मंत्र काफी बड़ा है इसलिए आप पहले जाप कर सकते हैं कि आप रात्रि के 9:00 बजे ही श्मशान में चले जाऐ और जाप शुरू कर दे और रात्रि के 12:00 बजे समय पुष्य नक्षत्र या अभिजीत नक्षत्र पड़ जाना चाहिए।
आपके ऊपर नक्षत्र का असर पढ़ना चाहिए और आपका सुबह होने से पहले 10,000 जाप पूरा हो जाना चाहिए। एक ही रात में आपका यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा और जब आपको प्रयोग करना हो तब आप एक चुटकी भस्म ले लीजिए यानि अपने पास श्मशान के भस्म को रखना होगा और जब प्रयोग करना होगा तब आप 11 बार पढ़कर इसी भस्म को लोगों के ऊपर फूक मार देंगे ऐसा करने से सब की नजर बंध जाएगी और आप जो लोगों को दिखाना चाहेंगे वही चमत्कार आप दिखा सकते हैं इससे आप लोगों को कुछ भी दिखा सकते हैं, जो भी आप चाहते हैं ।लोगों को वही दिखाई देगा जो आप बोलेंगे बल्कि ऐसा हो नहीं रहा होगा तो आप यह साधना करके लोगों को चमत्कार दिखा सकते हैं।
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