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चाबी के गुच्छे से साथ क्यों लगा होता है मेटल का टुकड़ा?

जब आप शोरूम से नई कार या बाइक खरीदते हैं, तो चाबियों के गुच्छे के साथ अक्सर एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम के टुकड़ा लगा होता है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक साधारण टुकड़ा या टैग समझते हैं और की रिंग लगाने के बाद इसे निकालकर फेंक देते हैं।
वहीं कुछ लोग चाबी के साथ इसे सालों-साल लटका कर रखते हैं।

हम अक्सर गाड़ी के इंजन, माइलेज और फीचर्स पर तो घंटों चर्चा करते हैं, लेकिन इस छोटे से धातु के टुकड़े को नजरअंदाज कर देते हैं। असल में, यह कोई साधारण चीज नहीं है, बल्कि यह आपकी गाड़ी की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यकीनन 80-99% लोगों को इसके पीछे का सही और असली काम पता नहीं होता है। अगर आपकी चाभी में भी यह टुकड़ा लगा है, तो इसे बेकार या फर्जी न समझें। नीचे लेख में जानें इसके पीछे का कारण।

चाबी के गुच्छे से साथ क्यों लगा होता है मेटल का टुकड़ा?
चाबी के साथ लगे हुए मेटल के टुकड़े पर कुछ अंक लिखे होते हैं, जिसे की कोड कहते हैं। इसका काम तब शुरू होता है जब आपकी गाड़ी की असली चाबी खो जाती है। पहले के समय में चाबी खोने पर पूरा लॉक तोड़ना पड़ता था, लेकिन आज की आधुनिक गाड़ियों में इमोबिलाइजर और सेंट्रल लॉकिंग जैसे सिस्टम होते हैं। अगर आपकी दोनों चाबियां खो जाएं, तो नई चाबी बनवाना परेशानी वाला काम बन सकता है। ऐसे में यह मेटल कोड ही वह चाबी है, जिसे दिखाकर कंपनी आपके लिए हूबहू वैसी ही नई चाबी तैयार कर सकती है।
अगर आपके पास यह कोड है, तो आपको पूरी गाड़ी का लॉक सेट बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। जब आप ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर पर यह कोड देते हैं, तो वे अपनी मशीन में इस नंबर को फीड करते हैं। यह मशीन उस कोड के आधार पर चाबी के खांचे को बिल्कुल सटीक तरीके से काट देती है। इससे आपकी नई चाबी पुरानी वाली की तरह ही स्मूथ काम करती है। बिना इस कोड के, मैकेनिक को काफी मेहनत करनी पड़ती है और कई बार गाड़ी का पूरा लॉक सिस्टम ही बदलना पड़ जाता है, जो महंगा सौदा साबित होता है।

सुरक्षा के लिहाज से है जरूरी
स्मार्ट की के समय में कितना हेल्पफुल है यह कोड?

आजकल की कई गाड़ियों में फिजिकल चाबी के बजाय स्मार्ट की या की-फोब आते हैं। उनमें भी एक छोटी इमरजेंसी चाबी अंदर छिपी होती है। उस इमरजेंसी चाबी को दोबारा बनाने के लिए भी यह मेटल कोड उतना ही जरूरी है। अगर आपकी चाबी चोरी हो गई है, तो इसी कोड की मदद से कंपनी पुरानी चाबी के सिग्नल को डी-रजिस्टर्ड कर सकती है।
मेटल का टुकड़ा जितना मददगार है, उतना ही इसे संभालकर रखने की भी जरूरत होती है। टुकड़े पर लिखे नंबर आपकी गाड़ी का डिजिटल फिंगरप्रिंट है। अगर यह नंबर किसी गलत हाथ में लग जाए, तो वह व्यक्ति आपकी गाड़ी की डुप्लीकेट चाबी बनवा सकता है। इसलिए मेटल टैग को चाबी के साथ लटकाकर न घूमें। इसे अपनी गाड़ी के पेपर्स के साथ या घर पर किसी सुरक्षित अलमारी में रखना चाहिए। शोरूम से गाड़ी लेते ही इस कोड की एक फोटो खींचकर अपने फोन या ईमेल पर सेव कर लें।

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